Motherboard क्या है और इसके कितने प्रकार होते है ?

Motherboard क्या है और इसके कितने प्रकार होते है ?

Motherboard क्या है? यदि आप मदरबोर्ड के बारे मे जानना चाहते हैं, तो हमेशा की तरह इस पोस्ट पर बने रहिए. आज हम आपको motherboard क्या है और अन्य मदरबोर्ड के बारे मे जानकारी देंगे.

Motherboard और मदरबोर्ड के बारे में आप सभी जानते होंगे लेकिन क्या आपको यह भी पता है .Keyboard क्या होता है और इसके कितने प्रकार होते है ? कि मदरबोर्ड क्या है (What is Motherboard in Hindi)? इसके कितने प्रकार होते है? और इसका कैसे उपयोग करें?

कंप्यूटर केबिनेट के अंदर एक PCB बोर्ड लगा होता है जिससे कंप्यूटर के सभी अन्य पार्ट्स या भागों को जोड़ते हैं.यह कंप्यूटर का सबसे महत्वपूर्ण भाग भी कहलाता है. इसलिए इस भाग को मदर बोर्ड कहा जाता है. मां का अर्थ होता है- (सबको संभालने वाली) और बोर्ड का अर्थ होता है- सभी भागों को संभालने वाला.

मदर बोर्ड क्या होता है- What is a motherboard in hindi ?

मदरबोर्ड कंप्यूटर का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होता है जिसके अंदर सभी मुख्य उपकरण के भाग जुड़े रहते हैं जिसमें RAM, ROM, HardDisk, Keyboard, Mouse आदि भाग जुड़े होते हैं. बोर्ड अपने से जुड़े सभी भागों में Power Supply भेजता है.

कंप्यूटर मदर बोर्ड एक Printed Circuit Board PCB का बना होता है जिसे हम सिस्टम बोर्ड, तार्किक बोर्ड ,मुद्रित तार बोर्ड के नाम से जाना जाता है.

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मदर बोर्ड एक फाइबर या प्लास्टिक की एक PCB चद्दर या सीट होती है जिसमें सभी उपकरणों के बाघों को जोड़ने के लिए पोर्ट बने होते हैं सभी पोर्ट के कनेक्शन मदरबोर्ड में सोल्डर किए हुए होते हैं.

कंप्यूटर मदरबोर्ड के विभिन्न प्रकार- Motherboard Types in Hindi

मदर बोर्ड उपकरण क्षमताओं और बहुत सारी विशेषताओं में उपलब्ध होता है और इसकी विशेषताएं और क्षमता मदरबोर्ड निर्माताओं पर निर्भर करती है इसलिए मदरबोर्ड का कोई विशेष प्रकार उपलब्ध नहीं है परंतु इसको इनकी बनावट के आधार पर दो भागों में बांटा जाता है-

(1) एकीकृत मदरबोर्ड :

जिस मदर बोर्ड में कंप्यूटर के सभी भागों को जोड़ने के लिए अलग पोर्ट उपस्थित होते हैं उसे Integrated Motherboard कहा जाता है.

इस मदरबोर्ड में CPU, FAN, ROM आदि भागो को शोल्डर की माध्यम से नहीं जोड़ा जाता है बल्कि उसमें अलग-अलग स्लॉट्स बनाए जाते हैं. Personal computer मैं इस तरह के मदर बोर्ड का प्रयोग किया जाता है.

(2) गैर-एकीकृत मदरबोर्ड :

जिस मदरबोर्ड में कंप्यूटर के सभी आवश्यक भागों को जोड़ने के लिए पोर्ट उपस्थित नहीं होते हैं उसे Non- Integrated Motherboard कहा जाता है.

इस मदर बोर्ड में RAM, R0M, CPU आदि भागों को शोल्डर के माध्यम से जोड़ दिया जाता है और इनको बाद में अपग्रेड भी नहीं कर सकते टेबलेट स्मार्टफोन इस तरह के उपकरण में इसी तरह का मदर बोर्ड का उपयोग किया जाता है.

मदरबोर्ड के कार्य (Function of Motherboard in English)

1. मदर बोर्ड कंप्यूटर में उपयोगी उपकरणों और भागो जोड़ने के लिए स्थान उपलब्ध कराता है इसलिए इसको कंप्यूटर की “रीड की हड्डी ” भी कहा जाता है.

2. यह सभी जोड़ने वाले भागों को विद्युत आपूर्ति (Power supply) उपलब्ध करवाता है और उन्हें प्रबंधन भी करता है.

3. यह एक उपकरण से दूसरे उपकरण से जोड़ने और उनमें Communication करवाता है.

यह कंप्यूटर की सभी प्रोग्रामिक सेटिंग और सूचना को सुरक्षित बनाए रखता है जिससे कि कंप्यूटर स्थानीय सरलता से चालू किया जा सके.

मदरबोर्ड के विभिन्न भाग (Motherboard parts in hindi)

कंप्यूटर का मदरबोर्ड या कंपोनेंट्स हब के रूप में कार्य करते हैं जिसमें आवश्यक उपकरण और भाग जुड़े रहते हैं.

मदरबोर्ड में प्रत्येक उपकरण एक समर्पित स्थान पर जुड़ा रहता है. इस स्थान या जगह को पोर्ट कहा जाता है.

मदरबोर्ड में प्रत्येक प्रकार के पोर्ट होते है जिसमें कंप्यूटर के सभी उपकरण कन्या भागों को जोड़ा जा सकता है. मदरबोर्ड पोर्ट की सही और पूरी जानकारी नीचे दी गई है-

1. सीरियल पोर्ट :

सीरियल पोर्ट का उपयोग अतिरिक्त कीबोर्ड माउस और पुराने मॉडेम को जोड़ने के लिए किया जाता है. यह फोर्ट दो मॉडल 9 पिन और 25 दिन में आते है.

2. समांतर पोर्ट :

इस तरह के समांतर पोर्ट में स्केनर और प्रिंटर को जोड़ा जाता है. इस पोर्ट के अंदर 25 पिन होते हैं जिसे प्रिंट पोर्ट भी कहा जाता है.

3.Ps/2 Port:

इस पोर्ट का आकार गोल होता है इसके माध्यम से कीबोर्ड Keyboard और माउस Mouse को जोड़ा जाता है. आजकल इस तरह के port का उपयोग बहुत कम किया जाने लगा है.

4. यूएसबी Port:

आप इस प्रकार के पोर्ट को तो भली-भांति जानते होंगे लेकिन फिर भी आपको एक बार और बताना उचित होगा.

(A) यूएसबी का पूरा नाम ” यूनिवर्सल सीरियल बस ” होता है जिसमें सभी प्रकार के यूएसबी डिवाइस जैसे- माउस, कीबोर्ड, प्रिंटर, हार्डडिस्क आदि को पोर्ट के माध्यम से जोड़ा जाता है.

(B) यूएसबी का आविष्कार माननीय अजय भट्ट एक भारतीय ने किया था. यह पोर्ट वर्ष 1999 में बनाया गया था और इसकी डाटा ट्रांसफर करने की क्षमता बहुत तेज और ज्यादा है.

5.VGA Port

इस पोर्ट का उपयोग कंप्यूटर से मॉनिटर को जोड़ने के लिए किया जाता है.

6. power connect Port

इस पोर्ट का उपयोग मदरबोर्ड को शक्ति आपूर्ति से जोड़ने के लिए किया जाता है पावर सीधे मदरबोर्ड में नहीं जाता है वह सबसे पहले एसएमपीएस बॉक्स में जाती है फिर मदर बोर्ड तक पहुंचती है.

7. मॉडेम पोर्ट:

मॉडेम फोर्ट का उपयोग कंप्यूटर को इंटरनेट से जोड़ने के लिए किया जाता है. इसका आकार लगभग USB Port जैसा होता है.

8. बाहरी पोर्ट :

इस तरह के पोर्ट का उपयोग एक कंप्यूटर को दूसरे कंप्यूटर से जोड़ने के लिए किया जाता है. नेटवर्क केबल के माध्यम से जोड़ा जाता है.

9. खेल पोर्ट :

खेल पोर्ट का उपयोग खेल उपकरण व जॉय स्टिक को जोड़ने के लिए किया जाता है. परंतु इस समय में इसकी जगह यूएसबी पोर्ट का उपयोग होने लगा है.

10. DVI Port:

डीवीआई पोर्ट का फूल नाम डिजिटल वीडियो इंटरफेस होता है. पोर्ट का उपयोग कंप्यूटर से एलसीडी, मॉनिटर आदि को जोड़ने के लिए किया जाता है.

11. सॉकेट पोर्ट:

इस पोर्ट का उपयोग माइक्रोफोन, हेडफोन और स्पीकर को कंप्यूटर से जोड़ने के लिए किया जाता है. इस प्रकार के पोर्ट गोल व छोटे प्रकार के होते हैं.

आज क्या सीखा ?

इस पोस्ट में हमारे द्वारा बताया गया है कि Motherboard क्या है-what is motherboard in Hindi? आपने मदरबोर्ड के बारे में विस्तार से जान लिया होगा.

हमें आशा है कि इस पोस्ट को पढ़ने से आपको मदरबोर्ड के बारे में पूरी जानकारी समझ में आ गई होगी. अब आपको Motherboard के उपयोग में कोई भी परेशानी नहीं होने वाली है.

आपसे एक उम्मीद है कि आप इस पोस्ट को अपने दोस्त, facebook, group और अन्य सभी मित्र और सोशल मीडिया पर शेयर कर उन तक पहुंचाएं.

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